कारण/ अकारण

 


 

स्वतंत्र स्त्रीया प्रेम को चुनती है
समझदार स्त्री सुरक्षा को
और चलाक स्त्रीया
प्रेम और सुरक्षा दोनो को चुनती है
यह तो आम सी बात है
आखिर क्यो न चुने वो
चुनना ही चाहिए
उनके स्थान पर अगर में होता
तो में भी यही करता
इस दुनिया के सारे संबंध "कारण" से जुड़ता है
जैसे- आदमी सें संबंध उसकी आमदानी से होती है
और इसमें गलत भी क्या हैं।
कोई क्यो घाटे का सौदा करे!
में भी नही करूंगा ऐसा सौदा
इस जगत के सारे संबंध
फायदा और नुक्सान से बनते है
लेकिन एक बात है
कारण सें बना संबंध
कारण आने पर टूट भी सकता है

#sr_uikey_

#retikaravi 

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