अंत से शुरूआत होना चाहिए

 

अधिकांशतः धर्मो का मानना है की अगला जन्म पिछला होता है

लेकिन कोई नही पूछता उस धर्म के पंडित पुरोहित पादरियों से

की पिछला जन्म जानने का कोई रास्ता भी है या नही ...होना तो चाहिए

कहना है... और मानना भी है लोगों का की जो अधूरा काम पिछले जन्म मे

छूट जाता है उसे पूरा करने के लिए जन्म लेना पड़ता है


सवाल ये है की पिछला जन्म जाने बिना ये नय जीवन की शुरूआत क्यो करें

समान्य सी बात है न की कल जो मेरा जितना अधूरा काम छूटा था उसे आज वही से प्रारंभ करूँ

लेकिन ऐसा तो हो नही रहा है

जैसे दसवी फैल होने पर क्या फिर से पहली सें स्टार्ट करूँ

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