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इंसानो का क्या है?

'' इंसान का क्या है , ये कुछ भी चाहता है । तू तो मुझे वो ही देना,  जो तू चाहता है । । ये कल तक उसको मागता रहा, और आज देखो , उसे भूल...

sury.3_ 28 Oct, 2025

अज्ञात शक्ति

चेहरा कोई खिलता हुआ कमल आंखों में शराब या भरा हो गरल पलके ऐसे झपके जैसे लहरी कोई फसल चंचल आंखें और उसका स्वभाव सरल न जाने कितने मरे और क...

sury.3_ 1 Jun, 2025

प्रतिभा का अंत

" सुरक्षा का सारा आयोजन व्यक्ति की  आंतरिक प्रतिभाओं का गला घोटना है "

sury.3_ 21 May, 2025

परम से प्रेम

💚more💚👇 Learn more  इससे ज्यादा तेरा अपमान क्या ही होगा मे आऊँ और माँग करू फला -फला की ' मुझे तुमसे प्रेम है मे प्रेम के फूल चढ़ाने आ...

sury.3_ 8 Apr, 2025

पागल

कोई रफ कॉपी का नाम सुना हैं ना ,हाँ वही कॉपी जिसमें सारे विषयों का लेखा जोखा अव्यवस्थित ढंग से रहता हैं जो हैं तो ज्ञान का अद्भुत संगम एक...

sury.3_ 18 Jan, 2025