उम्मीद/ सांत्वना
सच है, गाँव में शुकून है , शांति है बहुत...... और शहर में भाग दौड़ हैं, असंतोष हैं, अतृप्ति हैं, लेकिन एक उम्मीद तो हैं, की कभी सब ठीक हो ...
सच है, गाँव में शुकून है , शांति है बहुत...... और शहर में भाग दौड़ हैं, असंतोष हैं, अतृप्ति हैं, लेकिन एक उम्मीद तो हैं, की कभी सब ठीक हो ...
1st 👉 Download song link 🔗 🖇️ 👉 2nd download शब्दों का सौदागर हूं, बातों में फंसा भी सकता था। और काव्य कार, नगमा वफा गा भी सकता था।...
'' इंसान का क्या है , ये कुछ भी चाहता है । तू तो मुझे वो ही देना, जो तू चाहता है । । ये कल तक उसको मागता रहा, और आज देखो , उसे भूल...
चेहरा कोई खिलता हुआ कमल आंखों में शराब या भरा हो गरल पलके ऐसे झपके जैसे लहरी कोई फसल चंचल आंखें और उसका स्वभाव सरल न जाने कितने मरे और क...
" सुरक्षा का सारा आयोजन व्यक्ति की आंतरिक प्रतिभाओं का गला घोटना है "
sury.3_
लिखना शौक नहीं मजबूरी है मेरी ।